शिक्षा जगत में रचा नया इतिहास: दानवीर सेठ मयाचंद दिगंबर जैन स्कूल ने पूरे किए गौरवमयी 100
एमपी का आईना प्रधान संपादक सज्जाद खान

शिक्षा जगत में रचा नया इतिहास: दानवीर सेठ मयाचंद दिगंबर जैन स्कूल ने पूरे किए गौरवमयी 100 वर्ष

सनावद (मध्य प्रदेश) | विशेष रिपोर्ट: ऋषि एरन (‘एमपी का आईना’)
नगर की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था मयाचंद दिगंबर जैन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (एम.डी. जैन स्कूल) ने आज अपनी स्थापना के 100 स्वर्णिम वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए हैं। 20 अगस्त 1926 को दानवीर सेठ साहब स्व. मयाचंद दिगंबर जैन द्वारा रोपा गया यह शैक्षणिक पौधा आज एक वटवृक्ष का रूप ले चुका है, जिसने क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को एक नई दिशा और पहचान दी है।
सेठ साहब के देवलोकगमन के उपरांत इस ऐतिहासिक संस्था की बागडोर उनके वंशज, समाजसेवी एवं विद्यानुरागी महेन्द्र कुमार जैन साहब द्वारा पूरी निष्ठा से संभाली जा रही है।
देश-विदेश में लहराया संस्था का परचम:
शतकीय सफर के दौरान इस विद्यालय ने अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बल पर ऐसे होनहार नागरिक गढ़े हैं, जिन्होंने हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है:
प्रशासनिक व न्यायिक क्षेत्र में उपलब्धि: संस्था के पूर्व विद्यार्थी निरज दुबे (पूर्व कमिश्नर, लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल) तथा विद्यालय के पूर्व सचिव व म.प्र. लघु उद्योग निगम के पूर्व अध्यक्ष स्व. विमलचंद जैन (पूर्व न्यायाधीश) जैसी विभूतियों ने इस विद्यालय का मान बढ़ाया है।
विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व: विद्यालय के पूर्व छात्र आज देश-विदेश में शिक्षक, सैनिक, चिकित्सक, इंजीनियर, प्रोफेसर, कृषक, व्यवसायी, राजनीतिज्ञ एवं कुशल प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
निम्न आय वर्ग के लिए ‘सरस्वती का सच्चा मंदिर’:
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य महेन्द्र सिंह पंवार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह विद्यालय सदैव आम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के बच्चों के लिए सुलभ व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है। संस्था के सह-सचिव हेमेन्द्र कुमार जैन ने रेखांकित किया कि दूरस्थ ग्रामीण अंचलों से भी विद्यार्थी यहां ज्ञानार्जन के लिए आते रहे हैं और विद्यालय अपने अनुशासित वातावरण तथा विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों के लिए विख्यात है।
गरमामयी उपस्थिति:
स्थापना दिवस के पावन अवसर पर शिक्षक प्रवीण शर्मा, नरेन्द्र खेड़े, राकेश अत्रे, राकेश सोहनी, छाया पंवार, खड़कसिंह पंवार सहित समस्त शिक्षकगण, विद्यालयीन स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
प्रधान संपादक सज्जाद खान




