बावीसा ब्राह्मण समाज द्वारा 28 अगस्त को मनेगा श्रावणी उपाकर्म एवं संस्कृत दिवस: धर्मशाला में होगा
एमपी का आईना प्रधान संपादक सज्जाद खान

बावीसा ब्राह्मण समाज द्वारा 28 अगस्त को मनेगा श्रावणी उपाकर्म एवं संस्कृत दिवस: धर्मशाला में होगा वेदोक्त अनुष्ठान
सनावद
ग्राउंड रिपोर्ट: ऋषि एरन एमपी का आईना
श्रावण शुक्ल पूर्णिमा एवं रक्षाबंधन के पावन पर्व पर विप्र समाज का सबसे बड़ा महापर्व ‘श्रावणी उपाकर्म’ तथा ‘संस्कृत दिवस उत्सव’ 28 अगस्त (शुक्रवार) को श्रद्धा और विधि-विधान के साथ आयोजित किया जाएगा। बावीसा ब्राह्मण समाज सनावद द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी स्थानीय बावीसा ब्राह्मण समाज धर्मशाला में सामूहिक उपाकर्म संस्कार संपन्न होगा।
पर्व का शास्त्रीय महत्व एवं तिथि निर्णय:
प्रायश्चित और नूतन संकल्प: श्रावणी उपाकर्म ब्राह्मण परंपरा का प्रमुख आधार है, जिसमें वर्षभर के ज्ञात-अज्ञात दोषों का प्रायश्चित कर नवीन यज्ञोपवीत धारण किया जाता है तथा नूतन वर्ष के लिए धर्म व साधना के नवीन संकल्प लिए जाते हैं।
शास्त्रसम्मत तिथि प्रमाण: तिथि को लेकर उत्पन्न संशयों का निवारण करते हुए आचार्य डॉ. पंडित आशीष कानूनगो ने निर्णयसिंधु, धर्मसिंधु, पाराशर माधवीय एवं गर्ग मत आदि प्रामाणिक धर्मग्रंथों के आधार पर स्पष्ट किया कि श्रावणी उपाकर्म श्रावण शुक्ल पूर्णिमा, शुक्रवार 28 अगस्त 2026 को किया जाना ही पूर्णतः शास्त्रसम्मत है।
वेद पूजन एवं संस्कृत दिवस का आयोजन:
श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को सनातन संस्कृति के आधारस्तंभ चारों वेदों का प्रादुर्भाव दिवस माना जाता है। इसी उपलक्ष्य में उपाकर्म अनुष्ठान के साथ-साथ विधिवत वेद पूजन एवं ‘संस्कृत दिवस’ का विशेष कार्यक्रम भी धर्मशाला परिसर में आयोजित होगा।
विप्र बंधुओं से सहभागिता का आह्वान:
बावीसा ब्राह्मण समाज अध्यक्ष श्री पंकज पुजारी, संपूर्ण कार्यकारिणी एवं वरिष्ठ सदस्यों ने क्षेत्र के समस्त विप्र बंधुओं से सपरिवार उपस्थित होकर वैदिक परंपरा के इस महापर्व में सहभागी बनने और धर्म लाभ अर्जित करने की अपील की है।

