रमज़ान महा। के तीसरे ज़ूमा में फाका रोज़ा रखकर,5 साल की अनाया ने मिसाल कायम की*

तो वही 8 साल के रिदान अली सय्यद ने भी रमज़ान का फर्ज रोज़ा अदा किया*

चन्द्रशेखर आज़ाद नगर के रहने वाले
गनिमुद्दीन मकरानी परिवार की 5 वर्ष की अनाया ने फ़ाक़ा रोज़ा रखा,
माह रमज़ान का मुबारक़ महीना और दिन ज़ूमा इस्लाम मे इसकी खास फजीलत बया की गई है।
वही रहमतों बरकतों का दूसरा असरा भी खत्म हुआ। बताया गया कि अनाया मकरानी ने फाका रोज़ा क्यों रखा, इस बातको घर वाले भी समझ नही पाए , बताया जाता है कि रोज़ की तरह अनिया सेहरी कर लेती थी मगर रोज़ा नही रख ती थी, 20 रोज़े की सेहरी के वक्त अनिया को घर वालो ने नही उठाया, इस दौरान फ़ज़र नमाज बाद अनाया मकरानी की नींद खुली औऱ देखा कि सेहरी का वक्त खत्म हो गया, नन्नीसी अनिया ने दिल मे एहत किया, और फ़ाक़ा रोज़ा रख लिया, घरवालों के लाख समझाने बावजूद अनाया ने रमज़ान के जुमे का रोज़ा किया। इस दौरान घर वालो ने भी अनाया को रोज़े की हालत में, पूरा दिन अपनी निगरानी में रखा,तो वही अनाया को भी अल्लाह ने रोजे की बरकत से सब्र दिया, जब अफ्तार का वक्त आए तो अनिया मकरानी ने अफ़्तयारी, के दस्तर खान में बैठकर घर के रोज़ेदारों के साथ रोज़ा अफ्तार किया,
क्या अनाया मकरानी रमज़ान के रोजो की एहियमत जानती है । मेरे खयाल में नही, नन्नीसी अनाया ने फ़ाक़ा रोज़ा क्यो रखा , यह तो अल्लाह ही जाने,
फ़ास्ट न्यूज़ जनता की आवाज़ प्रधान संपादक सज्जाद खान