
आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल: सनावद में बाविसा ब्राह्मण समाज ने निकाली संदेशपरक ‘पर्यावरण कांवड़ यात्रा’



सनावद (मध्य प्रदेश) | विशेष रिपोर्ट: ऋषि एरन (‘एमपी का आईना’)
धर्मनगरी सनावद में रविवार को आस्था और सामाजिक सरोकार का अद्भुत संगम देखने को मिला। बाविसा ब्राह्मण समाज एवं भक्त मंडल द्वारा प्रकृति संरक्षण और जन-जागरूकता को समर्पित एक ऐतिहासिक एवं अनूठी ‘पर्यावरण कांवड़ यात्रा’ का सफल आयोजन किया गया।

वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य शुभारंभ:
यात्रा का शुभारंभ ऐतिहासिक परमारकालीन श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर (तहसील रोड) से हुआ। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित आशुतोष दुबे ने विधि-विधान से भगवान शिव का पंचामृत अभिषेक एवं विशेष पूजन संपन्न कराया। कांवड़ यात्रियों को त्रिपुंड तिलक और भगवा दुपट्टा पहनाकर, गगनभेदी शंखनाद और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ धर्म ध्वजा लेकर यात्रा रवाना की गई।
पुष्पवर्षा से महका यात्रा मार्ग:
कांवड़ यात्रा नीलकंठेश्वर मंदिर से प्रारंभ होकर आज़ाद रोड, तिलक गली, ब्राह्मणपुरी, माता मंदिर मार्ग, बस स्टैंड, नाग मंदिर और श्री सिद्धिविनायक गणेश मंदिर होते हुए श्री चंद्रशेखर महादेव मंदिर (बाहेती जिनिंग) पहुंची, जहां इसका भव्य समापन हुआ। पूरे मार्ग में नगरवासियों और विभिन्न संगठनों ने कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया।
कांवड़ यात्रा के प्रेरक संदेश एवं मुख्य आकर्षण:
हाथों में तख्तियां, जुबां पर राष्ट्र व प्रकृति संदेश: समाज अध्यक्ष पंकज पुजारी ने बताया कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य धार्मिक निष्ठा के साथ समाज को जागरूक करना था। श्रद्धालु हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर ‘स्वदेशी अपनाएं-देश बचाएं’, ‘योग करें-निरोग रहें’, ‘स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत’, ‘प्लास्टिक मुक्त नगर’, ‘नशा मुक्ति’ एवं ‘गौमाता को राष्ट्रीय प्राणी का दर्जा मिले’ जैसे नारों के साथ आगे बढ़े।
औषधीय पौधरोपण: सचिव हिमांशु व्यास ने बताया कि प्रकृति के संरक्षण का संकल्प निभाते हुए समाजजनों द्वारा मंदिर परिसर में औषधीय व छायादार पौधों का रोपण किया गया।
मिट्टी की प्रतिमाओं का संकल्प: पंडित देवेंद्र पाठक ने आगामी गणेशोत्सव व नवरात्रि पर्व को ध्यान में रखते हुए प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) का त्याग कर शुद्ध मिट्टी एवं गोबर से निर्मित प्रतिमाएं ही स्थापित करने का नगरवासियों से आह्वान किया।
सामूहिक महामृत्युंजय जाप व श्रावण झूले: समापन अवसर पर सर्वजन हिताय की भावना से रुद्राष्टक एवं महामृत्युंजय मंत्र का सामूहिक पाठ हुआ। श्रद्धालुओं ने परंपरागत श्रावण झूलों का आनंद भी लिया।
गरमामयी उपस्थिति:
इस प्रेरक आयोजन में पंडित विश्वंभरनाथ मिसर, पंडित राजेंद्र व्यास, कानू नागोबा, गणेश कानूनगो, सर्व ब्राह्मण समाज के पूर्व अध्यक्ष पंडित युवराज शर्मा, वैद्य बृजमोहन दुबे, अरुण कानूनगो, सुरेश कानूनगो, हिमांशु दुबे, गणेश मिसर, एडवोकेट कृष्णचंद्र सोहनी, महिला मंडल अध्यक्ष नम्रता शर्मा, कल्पना दुबे सहित बड़ी संख्या में समाजजन, मातृशक्ति व मंदिर सेवादार उपस्थित रहे। अंत में महाआरती कर फलाहारी प्रसादी का वितरण किया गया।




