कुक्षी में धूमधाम से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस
एमपी का आईना प्रधान संपादक सज्जाद खान

कुक्षी में धूमधाम से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस
आदिवासी संस्कृति, एकता और अधिकारों की गूंज से गूंजा कुक्षी नगर



विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर कुक्षी में आदिवासी संस्कृति और एकता का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। ढोल-मांदल और डीजे की धुन पर हजारों की संख्या में समाजजन पारंपरिक उत्साह के साथ नाचते-गाते हुए रैली में शामिल हुए। रैली ने नगर के विभिन्न मार्गों से भ्रमण कर आदिवासी संस्कृति, एकता और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत महानायक बिरसा मुंडा जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। इसके पश्चात माता-बहनों, युवाओं और समाजजनों की उपस्थिति में रैली शांतिपूर्ण एवं गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हुई। रैली के बाद साईं मंडी प्रांगण में विशाल सभा आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
सभा को संबोधित करते हुए जयस प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविराज बघेल ने समाजजनों से अपने संवैधानिक एवं सामाजिक अधिकारों को जानने, समझने और उनके प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने, शिक्षा की ओर बढ़ने और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज की पहचान और जीवन का आधार हैं। इनके संरक्षण के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। साथ ही आदिवासी समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के रोजगार के क्षेत्र में बेहतर प्रयास करने की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।
सर्वसमाज का मिला अभूतपूर्व सहयोग
रैली के दौरान नगर के सभी गणमान्य नागरिकों एवं सर्वसमाज के लोगों ने जगह-जगह पुष्पमाला से रैली का स्वागत किया। लोगों द्वारा पानी एवं ठंडे जल की व्यवस्था कर रैली में शामिल समाजजनों की सहायता की गई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, मंडी कर्मचारियों एवं समस्त मीडिया कर्मियों का भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। सभी सहयोगकर्ताओं के प्रति हृदय से आभार एवं धन्यवाद।
जयस के सभी साथियों, नारी शक्ति, जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, जनपद सदस्यों, जिला पंचायत सदस्यों एवं कार्यक्रम में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी समाजजनों का हार्दिक आभार।
विशेष रूप से कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले जयस साथियों—
अंतिम मुझालदा, गेंदालाल रणदा, सौरभ पटेल, निरपाल बघेल, कमल बमानिया, अशोक बघेल, तूफान निंगवाल, प्रवीण गवली, सुनील रावत, जीत रावत, सोमनाथ डोडवे, रितेश कोचले, राजू निंगवाल, कमलेश सोलंकी, राहुल सोलंकी, जयंत मंडलोई, पवन पाटीदार, अमित प्रजापत, हरिओम पाटीदार, सुनील अनारे एवं समस्त साथियों का हार्दिक धन्यवाद।
आदिवासी एकता • संस्कृति • अधिकार • शिक्षा • रोजगार • जल, जंगल, जमीन
जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस)
आमु आखा एक छै 🏹
सज्जाद खान की रिपोर्ट




