आर-पार की लड़ाई: नियमित वेतन, बकाया मानदेय और ई.पी.एफ. की मांग को लेकर कर्मचारी
एमपी का आईना प्रधान संपादक सज्जाद खान

सनावद
आर-पार के मूड में सनावद नगर पालिका के कर्मचारी: 4 महीने से वेतन और ई.पी.एफ. न मिलने पर आज 5 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू; 6 अक्टूबर से शहर की जल वितरण व्यवस्था ठप करने का अल्टीमेटम

सनावद नगर पालिका परिषद के नियमित और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का महीनों का बकाया वेतन और ई.पी.एफ. (EPF) न मिलने के बाद आख़िरकार आक्रोश फूट पड़ा है। मध्य प्रदेश नगर निगम, नगर पालिका कर्मचारी संघ (इकाई सनावद) के आह्वान पर आज दिनांक 5 अक्टूबर 2026 से तमाम कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। कर्मचारियों के इस कड़े कदम से नगर पालिका का कामकाज ठप होने के साथ-साथ शहर की व्यवस्थाओं पर भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
चार महीने से वेतन न मिलने से बढ़ी आर्थिक तंगी:
* कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बंटी सिरसाटिया, महामंत्री रंजीत यादव व अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि निकाय के नियमित कर्मचारियों को अगस्त 2026 से और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को जून 2026 से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है।
* वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने बच्चों की स्कूल फीस भरने, घर चलाने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का गंभीर संकट पैदा हो गया है। पिछले त्यौहार भी कर्मचारियों को बाजार से उधार लेकर मनाने पड़े थे।
* अब सिर पर दशहरा और दीपावली जैसे बड़े त्यौहार आ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा वेतन जारी नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।
वेतन अधिनियम की उड़ रही धज्जियाँ, काम बंद करने की दी जा रही धमकियाँ:
संघ ने आरोप लगाया है कि वेतन भुगतान अधिनियम 1936 के प्रावधानों के तहत हर महीने की 10 तारीख तक वेतन देना अनिवार्य है, लेकिन सीएमओ द्वारा विगत 4 महीनों से भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का वर्ष 2020-21 से ई.पी.एफ. भी जमा नहीं किया गया है। समस्या का समाधान करने के बजाय कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से धमकाया जाता है और कार्य से हटाने की धमकी दी जाती है।
6 अक्टूबर से जल वितरण व्यवस्था रहेगी संपूर्ण रूप से बंद:
कर्मचारी संघ ने पूर्व में दिए गए अल्टीमेटम के तहत आज 5 अक्टूबर से कामबंद हड़ताल शुरू कर दी है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही माँगे पूरी नहीं हुई, तो दिनांक 06.10.2026 से शहर की जल वितरण व्यवस्था को पूर्ण रूप से बंद कर दिया जाएगा। हड़ताल और जल आपूर्ति ठप होने से जनता को होने वाली असुविधा की समस्त जिम्मेदारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी और नगर पालिका अध्यक्ष की होगी।
इस गंभीर और व्यापक आंदोलन की प्रतियाँ मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, स्थानीय विधायक सचिन बिरला, श्रम आयुक्त, ईपीएफओ कार्यालय इंदौर और कलेक्टर खरगोन सहित तमाम उच्च अधिकारियों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई हैं।
ग्राउंड रिपोर्टर: ऋषि एरन | एमपी का आईना



